बच्छावत की आंखों से दो लोग दुनिया देख सकेंगे।
सरदारशहर। मनीष बच्छावत पुत्र स्व श्रीविजयसिंह बच्छावत 40 वर्ष टांटिया कुआं का निधन बुद्धवार को होने पर उनकी माता सरोज देवी बच्छावत ने दुःख की घड़ी में भी परोपकार करने की सोची तथा अपने पुत्र मनीष बच्छावत के नेत्रों का दान कर किसी के अन्धेरे जीवन में उजाला लाने के लिए नेत्रदान किया। तेरापंथ युवक परिषद सरदारशहर ने प्रेरक की भूमिका निभाई। नेत्र संग्रह डॉ रविन्द्र कुमार के निर्देशन में तकनीशियन भंवरलाल प्रजापत ने किया। उक्त जानकारी देते हुए आई बैंक सोसायटी आफ राजस्थान चूरू चैप्टर नेत्र संग्रह केन्द्र सरदारशहर के समन्वयक गणेशदास स्वामी ने बताया कि 30 जनवरी को शुरू हुए इस केन्द्र में अब तक 18वां नेत्रदान हो चुका है। मनीष की आंखों से दो नेत्रहीन लोग इस दुनिया को देख सकेंगे। उन्होंने बताया कि अब तक इस केन्द्र में सरदारशहर से छः, श्रीडूंगरगढ़ से छः, सुजानगढ़ से दो, सादुलपुर से दो, राजलदेसर से एक तथा सरदारशहर के गांव बरड़ासर से एक नेत्रदान हो चुका है। बच्छावत के नेत्रदान किये जाने पर गांधी विद्या मंदिर के अध्यक्ष हिमांशु दूगड़, प्राणनाथ होस्पीटल के चैयरमैन शान्तिलाल चोरड़िया तथा तेरापंथ युवक परिषद सरदारशहर के सदस्यों ने नेत्रदानी परिवार का आभार व्यक्त किया है। गौरतलब है कि सामाजिक कार्यकता गणेशदास स्वामी लंबे समय से क्षेत्र में नेत्रदान को लेकर जन जागरूकता अभियान चलाए हुए हैं। ऐसे में उनसे भी काफी लोग शहर में नेत्र दान के प्रति जागरूक हो रहे हैं ।





