हाईकोर्ट के आदेश पर  60 साल पुराने करणी माता मंदिर व हंडिया बाबा पर चला प्रशासन का पीला पंजा, बड़ी संख्या में हथियारबंद पुलिस जवान है मौजूद

हाईकोर्ट के आदेश पर 60 साल पुराने करणी माता मंदिर व हंडिया बाबा पर चला प्रशासन का पीला पंजा, बड़ी संख्या में हथियारबंद पुलिस जवान है मौजूद

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सरदारशहर। के बीकानेर रोड स्थित 60 साल पुराने करणी माता व हंडिया बाबा मंदिर को हाई कोर्ट द्वारा हटाने के आदेश दिए गए थे, जिसके बाद प्रशासन इस मंदिर को हटाने की तैयारियों में जुट चुका था। शुक्रवार अल सुबह 6 बजे ही तहसील भर के प्रशासनिक अधिकारी अतिरिक्त जिला कलेक्टर लोकेश गौतम के नेतृत्व में मंदिर हटाने की कार्रवाई करने पहुंचे और इस मौके पर नगरपालिका टीम और बड़ी संख्या में हथियार बल के साथ पुलिस जाब्ता भी मौके पर पहुंचा।

अल सुबह से ही मंदिर के चारों ओर के अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन का पीला पंजा चलता हुआ दिखाई दिया। आसपास के श्रद्धालु मंदिर हटने की सूचना पर इकट्ठे होने लगे, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा मौके पर भीड़ इकट्ठा नहीं होने दी गई, हालांकि आपको बता दें कि 9 बजे तक मंदिर को नहीं हटाया गया है जबकि मंदिर के आसपास के लगभग 20 फुट की दूरी पर बने चुगा घर और मंदिर की ओर जाने वाली सीढ़ियों को पूरी तरह से हटा दिया गया है।

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उपखंड अधिकारी बृजेंद्र सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश अनुसार मंदिर को किसी अन्य जगह स्थानांतरित किया जाना है लेकिन उससे पहले प्रशासन द्वारा हाईकोर्ट के आदेश पर मंदिर परिसर के बाकी अतिक्रमण को हटाया गया है। वही आपको बता दें कि शहर के मिलाप माली नाम के व्यक्ति द्वारा हाईकोर्ट में इस मंदिर को हटाने को लेकर एक याचिका दर्ज करवाई गई थी, जिस पर हाईकोर्ट द्वारा इस मंदिर को हटाने के लिए जिला कलेक्टर को 14 दिसंबर को आदेश दिए थे कि 4 जनवरी 2023 से पहले इस मंदिर को हटाकर हाई कोर्ट में रिपोर्ट पेश की जाए। जिसके बाद हाईकर्ट 4 जनवरी से पहले इस मंदिर को हटाने के लिए पहुंचा था लेकिन उस वक्त बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में इकट्ठे हो गए थे और मंदिर को नहीं तोड़ने दिया गया था और श्रद्धालुओं का कहना था कि गलत तथ्य पेश कर हाईकोर्ट से यह आदेश प्राप्त किए गए हैं यह मंदिर 60 साल पुराना है और हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। जिसके बाद 4 जनवरी को जिला कलेक्टर स्वम हाई कोर्ट में पेश हुए और एक बार फिर हाईकोर्ट ने इस मंदिर को यहां से हटाने के आदेश दिए थे, इसके बाद श्रद्धालुओं द्वारा भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बीते सोमवार को हाई कोर्ट को पुनः इस मामले में सुनवाई करने के आदेश दिए थे, लेकिन हाईकोर्ट की सुनवाई से पहले ही शुक्रवार अलसुबह प्रशासन घने कोहरे और अंधेरे में ही इस मंदिर को हटाने पहुंचा, ताकि मौके पर किसी भी प्रकार की कोई भीड़ ना हो।

वहीं शुक्रवार सुबह 9 बजे तक प्रशासन द्वारा मंदिर के आसपास के क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है जेसीबी और नगरपालिका के कर्मचारी अतिक्रमण को हटाने में लगे हुए हैं। वही इस मौके पर थानाधिकारी सतपाल विश्नोई, डीएसपी नरेंद्र कुमार शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में महिला कॉन्स्टेबल सहित पुलिस जाब्ता मौजूद है।

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