करणी माता व हांडी बाबा मंदिर मामले में राजकरण चौधरी का बड़ा बयान, कार्रवाई को लेकर नप अध्यक्ष को रखा गया अंधेरे में

करणी माता व हांडी बाबा मंदिर मामले में राजकरण चौधरी का बड़ा बयान, कार्रवाई को लेकर नप अध्यक्ष को रखा गया अंधेरे में

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सरदारशहर। शहर के बीकानेर रोड पर स्थित मंदिर के आसपास हाई कोर्ट आदेशानुसार अतिक्रमण हटाने के मामले में पालिकाध्यक्ष राजकरण चौधरी ने नगरपालिका हॉल में प्रेस वार्ता कर अपनी सफाई दी है। पालिकाध्यक्ष चौधरी ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस संबंध में तहसील कार्यालय द्वारा 13 जनवरी को प्रातः 10 बजे मंदिर के आसपास अतिक्रमण हटाने के लिए नगर पालिका को संसाधन उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए गए। लेकिन अधिशासी अधिकारी ने मुझे चेयरमैन होने के बावजूद इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी और पूरी तरह से अनभिज्ञ रखा। जिससे जनता में हमारी छवि धूमिल हुई है। अगर अधिशासी अधिकारी हमें इस संबंध में जानकारी देते तो हम लोगों को समझाइश करते और उन्हें बताते कि मंदिर को नहीं उसके आसपास के अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने अधिशासी अधिकारी प्रमोद कुमार जांगिड़ पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि पिछले 3 महीने से पट्टा वितरण कार्य शिथिल पड़ा है। जिसके जिम्मेदार अधिशासी अधिकारी हैं। वो काम करने में नहीं बल्कि अपनी लोकप्रियता जमाने में विश्वास रखते हैं। जिससे जनता द्वारा चुने हुए सभी पार्षदों में आक्रोश है। इस संबंध में हम शीघ्र ही एक बैठक कर अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा अनुसार हमारी मंशा है कि हर जरूरतमंद को पट्टा मिले और उसके लिए हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

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उन्होंने बताया कि मंदिर के आसपास के अतिक्रमण हाईकोर्ट के आदेशानुसार उपखंड प्रशासन द्वारा हटाया गया है। जिसमें नगर पालिका का कोई लेना-देना नहीं है। फिर भी कुछ लोग नगर पालिका की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। इस अवसर पर पार्षद ताराचंद सैनी, अशोक मेहरा, मुंशीशाह भाटी, रिजवान खोखर, आसिफ खोखर, ओमप्रकाश नाई, इनायतुल्लाह, पप्पू खान, नूर मोहम्मद खोखर, नवाब खान ठेकेदार आदि उपस्थित रहे।

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